Aapki Chopal News

  • अनलॉक-4 गाइडलाइंस की 7 बड़ी बातें |

     एक से दूसरे राज्य में जाने पर नहीं होगी अब कोई रोक

    रिपोर्ट :- ईशिता भारद्वाज \सूत्र :-हिंदुस्तान ई पेपर 

    1- किसी भी राज्य में आने-जाने से रोक नहीं 
    राज्य के भीतर और एक से दूसरे राज्य में आने जाने पर कोई रोक नहीं होगी। यहां तक कि किसी को भी देश में कहीं भी जाने के लिए अलग से अनुमति नहीं लेनी होगी।

    2- राज्य बिना अनुमति लॉकडाउन नहीं लगा सकेंगे 
     राज्य बिना केंद्र की अनुमति के अपने यहां कहीं भी लॉकडाउन लागू नही कर पाएंगे। उनको इसकी अनुमति लेनी होगी। कंटेन्मेंट जोन में 30 सितंबर तक कड़ाई से लॉकडाउन जारी रहेगा।

    3- राजनीतिक, धार्मिक आयोजन 100 व्यक्तियों के साथ 
    गृह मंत्रालय की ओर से जारी ताजा दिशानिर्देशों के मुताबिक, सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक समेत अन्य आयोजनों की अनुमति मिल गई है। हालांकि इसमें 100 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की इजाजत नहीं होगी। 

    4- लैब प्रायोगिक कार्य के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुमति 
    उच्च शिक्षण संस्थान में केवल रिसर्च स्कॉलर,  तकनीकी व प्रोफेशनल कार्यक्रम के पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को जहां लैब या प्रायोगिक कार्य के लिए जरूरी है अनुमति दी जाएगी। लेकिन यह अनुमति उच्च शिक्षा विभाग की ओर से गृहमंत्रालय की सलाह पर राज्य में कोविड की स्थिति का आकलन करने के बाद दी जाएगी।

    5- इन्हें मिली सशर्त इजाजत
    – ओपन एयर थियेटर भी 21 सितंबर से खुलेगा। इस दौरान, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग और सैनेटाइजर का उपयोग अनिवार्य होगा।
    – राज्य व केंद्रशासित प्रदेश 50 प्रतिशत तक टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ को ऑनलाइन क्लास, टेली काउंसलिंग व अन्य सबंधित काम के लिए स्कूल बुलाने की अनुमति दे सकते हैं।

    6- इन गतिविधियों को इजाजत नहीं   
    सिनेमा हॉल, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थियेटर (ओपन एयर थियेटर को छोड़कर) और इस तरह की जगहों पर गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।

    7- बच्चे और बुजुर्गों को घरों में रहने की सलाह 
    पहले की तरह ही 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और 10 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं दूसरी घातक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को जरूरी ना होने की दशा में बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।

     

  • चंदौसी जिले में हॉरर किलिंग | पेड़ से लटके मिले प्रेमी युगल के शव लग चुके थे कीड़े

       रिपोर्ट – भूपेंद्र शर्मा  सूत्र अमर उजाला 
    पेड़ से लटके मिले प्रेमी युगल के शव, तेजाब से जले हुए थे दोनों के चेहरे, लग चुके थे कीड़े



    उत्तर प्रदेश के चंदौसी जिले में हॉरर किलिंग का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। सात दिन पूर्व घर से गायब प्रेमी युगल के शव बुधवार को जंगल में शीशम के पेड़ से लटके मिले। पुलिस वारदात को हॉरर किलिंग मान रही है। दोनों के चेहरे तेजाब से जले थे। खेत में काम कर रहे मजदूरों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी।

    युवक की शादी 28 जून को होनी थी। पुलिस ने युवती के पिता, चाचा, भाभी और मां को हिरासत में लिया है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। अन्य परिजन घर पर ताला लगाकर फरार बताए गए हैं।
    धनारी थाना क्षेत्र के गांव गढ़ा निवासी बंटी (20 वर्ष) का पड़ोस की युवती सुखिया (18 वर्ष) से प्रेम प्रसंग चल रहा था। परिजनों ने बंटी की शादी तय कर दी थी और 28 जून को बरात जानी थी। दोनों शादी से पूर्व 25 जून को घर से गायब हो गए थे।
    बुधवार की शाम गांव के ही रहने वाले चंद्रपाल सिंह के खेत में मजदूर मेंथा की फसल काट रहे थे। दुर्गंध आने पर मजदूर मनवीर और प्रेमपाल ने खेत के अंदर जाकर देखा तो शीशम के पेड़ से बंटी और सुखिया के शव लटके हुए थे।

    उन्होंने घटना की सूचना खेत के मालिक चंद्रपाल सिंह को दी। उन्होंने ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह को वारदात की जानकारी दी। ग्राम प्रधान की सूचना पर पहुंचे सीओ और प्रभारी निरीक्षक ने शवों को कब्जे में ले लिया। पुलिस के मुताबिक दोनों के चेहरों को तेजाब से जलाया गया है। दोनों के शव मिलने पर युवक के परिजन मौके पर पहुंच गए, लेकिन युवती के परिजन नहीं पहुंचे।

    एएसपी संभल आलोक जयसवाल ने बताया कि प्रेमी युगल बंटी और सुखिया के शव करीब तीन से चार दिन पुराने हैं। दोनों के शवों में कीड़े पड़ चुके हैं। इस दौरान कई बार बूंदा बांदी भी हुई है। शव झाड़ियों के बीच होने के कारण गर्मी और बारिश के बीच शव फूल चुके हैं। शवों पर किसी भी तरह की चोट आदि के निशान भी नहीं दिखाई दे रहे हैं।

    घटना के विषय में अभी नहीं कह सकते हैं। यह आत्महत्या और हत्या भी हो सकती है। दोनों में से किसी की तहरीर नहीं मिली हैं। जांच चल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

  • गोल्डन बाबा के रिश्तेदार कोरोना के कारण नहीं पहुंचे अंत्येष्टि में, वीडियो कॉल से किए अंतिम दर्शन

    रिपोर्ट -भूपेंद्र शर्मा
    अमर उजाला — गाजियाबाद के इंदिरापुरम की जीसी ग्रैंड सोसायटी में रहने वाले गोल्डन बाबा उर्फ सुधीर कुमार मक्कड़ का मंगलवार रात दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वह कैंसर से पीड़ित थे। वर्तमान में उनका इलाज एम्स में चल रहा था। बाबा के निधन के बाद कोविड-19 के कारण परिवार और रिश्तेदार सोसायटी में नहीं पहुंच सके। रिश्तेदार पुनीत ने बताया कि रिश्तेदारों व परिचितों को वीडियो कॉल से अंतिम दर्शन कराए गए। बाबा के निधन की खबर से सोसायटी में सन्नाटा पसरा है। रात में ही बाबा के पार्थिव शरीर को सोसायटी लाया गया था। सुबह करीब छह बजे पत्नी वीना मक्कड़ और परिजनों के अलावा उनके तमाम अनुयायी अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली रवाना हो गए।

    हरिद्वार व दिल्ली के आश्रम में गुजारते थे ज्यादा वक्त
    सोसायटी के पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विनोद पांडेय का कहना है कि गोल्डन बाबा अपनी पत्नी वीना मक्कड़ और सुरक्षा गार्डों के साथ सोसायटी में करीब सात साल से रह रहे थे। वह महीने में ज्यादातर समय हरिद्वार और फिर दिल्ली स्थित आश्रम में गुजारते थे। सोसायटी में सिर्फ एक हफ्ते या उससे कम ही दिन के लिए आते थे। बताया गया कि सोसायटी में आने के बाद वह किसी ने ज्यादा नहीं मिलते थे। उन्हें लोगों ने कभी पार्क या लॉन में घूमते हुए भी नहीं देखा था।

    ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई थी तबीयत खराब
    एक रिश्तेदार ने बताया कि मई से ही गोल्डन बाबा के शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगी थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। हालांकि कैंसर का इलाज पिछले एक साल से विभिन्न अस्पतालों में चल रहा था, जिसमें फोर्टिस और मेदांता भी शामिल हैं। तबीयत खराब होने की जानकारी परिवार और रिश्तेदारों को हुई तो सभी पत्नी वीना मक्कड़ को कई बार फोन कर गोल्डन बाबा के बारे में पूछते थे। कुछ दिनों तक बाबा की तबीयत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा था। मंगलवार रात अचानक तबीयत ज्यादा खराब हो गई। बताया गया कि ऑक्सीजन की कमी से उनका निधन हो गया।

    कांवड़ यात्रा में आकर्षण का केंद्र रहते थे 21 किलो सोना पहनने वाले गोल्डन बाबा, झलक पाने को लगता था लोगों का हुजूम

  • चीन को मुहतोड़ जवाब देने को तैयार भारतीय सेना

    आपकी चौपाल :- चीन को मुहतोड़ जवाब देने को तैयार भारतीय सेना भारतीय सेना के एक उच्च अधिकारी ने कही है |
     

     पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में 15-16 जून की रात को चीनी और भारतीय सेना के बीच खुनी झड़प के बाद सीमा पर स्तिथि तनाव पूर्ण वनी हुई है | चीन एक तरफ तो भाईचारे की बात कर रहा है तो दूसरी तरफ धोके से हमला भी कर रहा  है चीन का दवा है की गलवां घाटी चीन का हिस्सा है जबकि गलवां घाटी भारत का हिस्सा है चीन भारत के हिस्से पर आपका अधिकार बताकर भारतीय सीमा में घुसना कहता है और कब्ज़ा जमाना कहता है |

    लेकिन भारतीय सेना ने चीन को मुहतोड़ जवाब दिया है और चीन को भारतीय सीना में घुसने नहीं दिया है भारतीय सेना ने साफ़ खा है की यदि वचीन चालबाज़ी करके या धोके से भी भारतीय सीमा में एक कदम भी रखा तो इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी  |

    अमर उजाला – अधिकारी ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत की सीमा प्रबंधन के लिए शांति बनाए रखने की नीति बदल गई है। वहीं पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के लिए जब चाहे चले आने का विकल्प खत्म हो गया है। भारतीय सेना इस समय 3,488 किमी की एलएलसी और पूर्वी क्षेत्र पर अब तक की सबसे ज्यादा मुस्तैद पोजिशन पर तैनात है।
    चीन ने भी एलएसी पर अपनी सेना बढ़ाई है खासतौर से गलवां, बेग ओल्डी, देपसान्ग, चुशुल और पूर्वी लद्दाख के दूसरे इलाकों में। मगर ऐसा लग रहा है कि भारतीय सेना युद्ध के लिए पूरी तरह से अलर्ट पर है। लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक एलएसी पर सेना किसी भी तरह की स्थिति का सामना करने के लिए मुस्तैद है। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर 15 हजार सैनिक फॉरवर्ड इलाकों में हैं और इससे भी ज्यादा उनके पीछे खड़े हैं।

    टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार एक सूत्र ने कहा, ‘हमारे सैनिक पीछे नहीं हटेंगे। हमारी क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं होगा। चीन जमीन पर इस तरह की आक्रामकता लंबे समय से कई बार दिखा चुका है। वे हमारे क्षेत्र में आते हैं, बेफिजूल के दावे करते हैं और उन्हें सच मानकर दोहराते रहते हैं और फिर भारत को आक्रामक बताने की कोशिश करते हैं। अब इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। पीएलए को अब क्षेत्र छीनने की अपनी हर कोशिश का नुकसान भुगतना होगा।’

    माना जा रहा है कि यह कड़ा रवैया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच हुई बैठक का नतीजा है। वहीं रक्षा मंत्री ने मंगलवार और बुधवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाध्यक्षों के साथ सीमा की स्थिति की समीक्षा की। भारतीय डिफेंस इस प्रोटोकॉल पर भी दोबारा विचार कर रहा है जिसके तहत सैनिक एलएसी के फॉरवर्ड इलाकों में फायरआर्म्स नहीं लेकर जाते हैं।

  • संत प्रहलाद जानी आज ब्रह्मलीन हो गए….

    रिपोर्ट सूत्रों के आधार पर :-80 वर्षों से बिना भोजन और बिना एक बूंद पानी पीये…. ही जीवित रहने वाले,

    संत प्रहलाद जानी आज ब्रह्मलीन हो गए….

    जिन्हे भक्तजन “चुनरी वाले माताजी”
    के नाम से भी जानते थे,
    महाराज जी अरवल्ली स्थित शक्तिपीठ
    अंबाजी के निकट गब्बर पर्वत की तलहटी
    में रहते थे ।
    आधुनिक विज्ञान और नास्तिकों के लिए अबूझ पहेली बन चुके बाबा ने आखिर दुनिया छोड़कर जाने का फैसला कर लिया….
    बाबा ने सिर्फ 10 साल की आयु में ही घर छोड़कर सन्यास ग्रहण कर लिया था…. 
    और भगवती अंबाजी के साक्षातकार
    होने के बाद अन्न और जल का त्याग कर दिया था ।
    बाबा के कई मेडिकल टेस्ट भी हुए थे…. देश की जानी-मानी संस्था डीआरडीओ के वैज्ञानिकों की टीम ने सीसीटीवी कैमरे की नजर में 15 दिनों तक 24 घंटे नजर में रखा।
     यहां तक की उनके आश्रम के पेड़-पौधों का भी टेस्ट किया। लेकिन इन सबका कुछ नतीजा नहीं निकल सका।
     इसे पूरी तरह से डिस्कवरी चैनल पर भी दिखाया गया था… 
    क्योंकि कोई भी डॉक्टर और वैज्ञानिक ये मानने को तैयार ही नहीं था… 
    वैसे बाबा ने अपने योगबल से सूर्य की रोशनी को आहार बनाया था…. इसके लिए वो हर दिन छत पर जाते और आंखें बंद करके योग के जरिये सूर्य की रोशनी से जरूरी तत्व साँसों के जरिये लेते थे…. 
    इनका कहना था कि हवा में और रोशनी में बहुत सारे तत्व मौजूद होते हैं… पर हम इसे सिर्फ सांस लेने वाले ऑक्सीजन ही समझते हैं…. हालांकि ये बहुत लंबे और कठिन अभ्यास के बाद ही सम्भव होता है।।
    ब्रह्मलीन प्रहलाद जानी को नमन।।🙏❤️
  • अब IPL होगा 25 सितंबर से 1 नबम्बर के बीच

    एजेंसी,नई दिल्ली



    केंद्रीय खेल मंत्री किरन रिजिजू ने साफ कहा है की  मौजूदा हालातों में आईपीएल का आयोजन संभव नहीं है देश को खाली स्टेडियमों में बिना दर्शकों के साथ खेल गतिविधियों के लिए तैयार रहना चाहिए। इस ख़बर को सुनकर सबसे पहले बात आईपीएल की आती है क्या आईपीएल का आयोजन होगा । बीसीसीआई 25 सितंबर से एक नवंबर के बीच आईपीएल के 13वें सीजन को आयोजित करने को लेकर विचार कर रही है। बोर्ड ने कहा है कि जैसा खेल मंत्री ने कहा है कि प्रशंसकों की सुरक्षा सबसे पहले है वही बात बोर्ड मानता है। 



    ‘सरकार के फैसले के बाद ही हम इस पर कोई निर्णय लेंगे’
    किरन रिजिजू ने साफ कर दिया था कि खेल गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू होंगी अभी सिर्फ खिलाड़ियों को ट्रेनिंग करने की इजाजत दी गई है। उन्होंने कहा था कि आईपीएल पर फैसला सरकार द्वारा कोरोना वायरस की स्थिति को परखने के बाद लिया जाएगा। उन्होंने साफ कर दिया था कि खिलाड़ियों को दर्शकों के बिना खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। रिजिजू ने इडिया टुडे से कहा था कि भारत में सरकार को फैसला लेना होता है और सरकार स्थिति को देखकर फैसला लेगी। हम स्वास्थ्य को सिर्फ इसलिए जोखिम में नहीं डाल सकते कि हमें टूर्नामेंट कराने हैं। हमारा ध्यान इस समय कोविड-19 से लड़ने पर है और साथ ही हमें सामान्य स्थिति में पहुंचना है। तारीख की पुष्टि करना अभी मुमकिन नहीं है लेकिन मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि हम इस साल टूर्नामेंट करा पाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें सलाह दी गई है कि स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारी प्राथमिकताएं हैं और इसके अलावा हमें गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस और स्थानीय अधिकारियों की भी गाइडलाइंस को मानना है। हम टूर्नामेंट शुरू करना चाहते हैं लेकिन इससे पहले हमें खिलाड़ियों की ट्रेनिंग शुरू करनी होगी। हम तुरंत टूर्नामेंट शुरू नहीं कर सकते। 



    बीसीसीआई के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि जब लाइव स्पोर्ट्स वापस लौटेगा तो जाहिर सी बात है कि प्रशंसकों की सुरक्षा प्राथमिकता होगी और क्रिकेट इससे अलग नहीं है। उन्होंने कहा कि गेट मनी प्राथमिकता नहीं होगी और ब्रॉडकास्टिंग से आने वाला रेवेन्यू काफी होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मुश्किल समय में गेट मनी (प्रवेश शुल्क) को लेकर कोई भी चिंतित नहीं है। प्रशंसकों की सुरक्षा निश्चित तौर पर प्राथमिकता है। जब क्रिकेट होगा, ब्रॉडकास्ट रेवेन्यू बीसीसीआई के लिए पहला रेवेन्यू होगा और फिर राज्य सरकार का पैसा। आईपीएल में भी यही है। उन्होंने कहा कि कोई भी गेट मनी को हां नहीं कहेगा। कोई भी प्रशंसकों की सुरक्षा को ताक पर रखकर गेट मनी को प्राथमकिता देने की वकालत नहीं करेगा। जो लोग मैचों का आयोजन करते हैं वह बुनियादी सिद्धांत को समझते हैं। वहीं खेल मंत्री ने बयान दिया है और वह सरकार की नुमाइंदगी करते हैं इसलिए सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए और स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए।

  • छलका नवाजुद्दीन की पत्नी का दर्द, कहा- 'अब नहीं रहा जा रहा है

    नई दिल्ली। गैंग्स ऑफ वासेपुर, बदला, मांझी, मंटो और वेब सीरीज सेक्रेड गेम्स में अपनी बेहतरीन अदाकारी से सुर्खियां बटोरने वाले फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की पर्सनल लाइफ इन दिनों ठीक नहीं चल रही है। नवाजुद्दीन की पत्नी आलिया सिद्दीकी ने उन्हें तलाक का नोटिस भेजा है। नवाजुद्दीन और आलिया की शादी को 11 साल हो चुके हैं। पिछले दिनों नवाजुद्दीन की बहन का निधन हुआ था और उनकी मां की तबीयत भी खराब चल रही है जिसके चलते वो यूपी के मुजफ्फरनगर में अपने घर आए हुए हैं, जहां उनकी पत्नी आलिया ने अपने वकील के जरिए तलाक का नोटिस भिजवाया है। इस पूरे मामले को लेकर अब आलिया ने मीडिया से भी बात की है।

    नई दिल्ली। गैंग्स ऑफ वासेपुर, बदला, मांझी, मंटो और वेब सीरीज सेक्रेड गेम्स में अपनी बेहतरीन अदाकारी से सुर्खियां बटोरने वाले फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की पर्सनल लाइफ इन दिनों ठीक नहीं चल रही है। नवाजुद्दीन की पत्नी आलिया सिद्दीकी ने उन्हें तलाक का नोटिस भेजा है। 
    न्यूज चैनल ‘इंडिया टीवी’ से बात करते हुए आलिया ने बताया, ‘अब नहीं रहा जा रहा है, अब छोड़ दो। एक पत्नी के तौर पर एक इंसान ने काफी कुछ किया, बहुद हद तक समझौता किया। लेकिन, अगर किसी को लगे कि उसका पार्टनर इन सारी बातों को हल्के में ले रहा है, तो फिर क्या किया जाए? तलाक लेने की एक बड़ी वजह यह है कि इस रिश्ते में अब सम्मान नहीं बचा है। हां, आप एक अच्छे कलाकार हैं और लोग आपको देखते हैं। आप काफी लोगों पर अपना असर डाल सकते हैं। मैं भी आपके इस सफर का हिस्सा रही हूं…आपका साथ देती हूं।’
    अपने रिश्ते को लेकर आलिया ने आगे कहा, ‘बहुत सारी बातें हैं, मैं ज्यादा गहराई में नहीं जाना चाहती, काफी सेंसेंटिव बाते हैं, उनसे दोनों को नुकसान हो सकता है। एक मोड़ पर आकर किसी एक को फैसला लेना होता है। मैंने कई बार उनको समझने की कोशिश की। मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार से हूं और जहां तक मुझे याद है, मेरे परिवार में आज तक किसी का तलाक नहीं हुआ। लेकिन, मेरी अपनी एक वैल्यू है, मैं जानती हूं कि क्या सही है और क्या गलत। अब नहीं रहा जा रहा है, अब छोड़ दो।’
  • नंदन स्वीट्स में लगी भीषण आग सारा सामान जलकर राख

    रिपोर्ट पुनीत शर्मा 

    मुरादाबाद के सिविल लाइन पीली कोठी चौराहा स्थित नंदन स्वीट्स   में लगी भीषण आग सारा सामान जलकर राख हो गया
    आपको बता दें पीलीकोठी चौराहे के पास नंदन स्वीट्स की दुकान है जिसमे आज शाम अचानक आग लग गई, जिसकी वजह अभी साफ नहीं है आग इतनी भयंकर थी की जब तक आग पर काबू पाया गया तब तक दुकान का सारा समान जल कर राख हो गया है 
    स्थानीय लोगों की माने तो शाम को दुकान से आग लगने से धुआ बाहर आने लगा तो पुलिस ओर फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई व साथ ही सिविल डिफेन्स के लोग भी मोके पर पहुच गए, 
    घंटों की मसक्कत के बाद आग पर काबू तो प लिया गया परंतु दुकान का सारा समान जल कर खाक हो गया |
    आग लगने की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है |
    वीडियो >>>>>>>>>>>>>>

  • लॉकडाउन की वजह से बच्चे का टीका छूटे तो घबराएं नहीं, बस बरतें ये सावधानियां

    लॉकडाउन के कारण अगर आप अपने बच्चे का जरूरी टीका लगवाने से रह गए हैं तो आपकी चिंता जायज है। असल में कोविड-19 के कारण हेल्थ संसाधनों पर ज्यादा बोझ होने से नियमित टीकाकरण में व्यवधान पैदा हुआ है। जिससे ये समस्या पैदा हुई है। ऐसी स्थिति से निटपने के लिए इंडियन अकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने कुछ निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करते हुए इस असाधारण समय में बच्चे की देखभाल की जा सकती है।
     
    लॉकडाउन में 32 लाख बच्चे रह जाएंगे वंचित-
    -01 साल पहले पैदा हुए खसरा या एमएमआर डोज से वंचित रह सकते हैं। 
    -5.5 लाख नए बच्चे हर सप्ताह जुड़ रहे हैं टीकाकरण से पूर्ण या आंशिक वंचितों में।
    -2020 के जनवरी-फरवरी में पैदा हुए बच्चों को मार्च-अप्रैल में दी जाने वाली डीटीपी-पोलियो खुराक छूटी।
    -32.4 लाख बच्चे देश में टीकाकरण से छूट जाएंगे या उनको सभी टीके नहीं लग सकेंगे।
    (स्त्रोत – इंडियन अकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स )

    इम्यूनिटी मजबूत करता है टीकाकरण-
    टीका बीमारियों के वायरस को कमजोर कर देता है या उसे खत्म कर देता है। टीकाकरण से शिशु के शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र (इम्यूनिटी) मजबूत रहती है। जिससे भविष्य में बीमारियों से बचने में मदद मिलती है। टीकाकरण संक्रामक बीमारियों जैसे पोलियो आदि के प्रसार को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
     
    इम्यूनाइजेशन न होने पर संक्रमण का खतरा-
    विश्व स्वास्थ्य संगठन यह चिंता जता चुका है कि जिन देशों में रुटीन टीकाकरण नहीं हो पा रहा है, वहां बच्चों के शरीर में कोरोना व अन्य तरह के वायरस व रोगों से लड़ने के लिए मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र नहीं तैयार नहीं हो पाएगा।
     
    मां क्वारंटाइन हो तो ये करें-
    किसी बच्चे की मां अगर कोरोना ग्रस्त रही हो या उन्हें होम क्वारंटाइन किया गया हो तो उस बच्चे को वैक्सीनेट करने की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में अभिभावक अपने डॉक्टर की सलाह लेकर बच्चे का टीकाकरण कराएं।
     

    टीका छूटने पर ऐसा करें अभिभावक-
    इंडियन अकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने अभिभावकों को सलाह दी है कि कोविड-19 के कारण बच्चों के छूटे टीके को आगे की तारीखों में लगवाना ठीक रहेगा। यह सुनिश्चित किया जाए कि नवजात को बीसीजी, बी-ओपीवी और हेपेटाइटिस  बी की बर्थ डोज मिली है या नहीं। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र के संपर्क में रहें और शिशु की पोलियो, इन्फ्लूएंजा, एमएमआर और खसरा की खुराक प्राथमिकता से लगावाएं।  

  • विदेशी खिलाड़ियों के साथ मानसून के बाद आईपीएल संभव

    बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी ने कोरोना वायरस की वजह से खतरे में पड़े आईपीएल के होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि भारत में मानसून के बाद इंडियन प्रीमियर लीग का आयोजन किया जा सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने इस बात का भी आश्वासन दिया है कि इस क्रिकेट लीग में विदेशी खिलाड़ी भी खेल पाएंगे। इसके अलावा राहुल जौहरी ने यह भी कहा है कि मानसून के बाद 14 दिन के क्वारंटाइन पीरियड की वजह से चीजें थोड़ी मुश्किल भी होंगी।
    बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी ने टीएमसी स्पोर्ट्स हडल वेबिनार के दौरान कहा कि आईपीएल फैन्स के लिए सबसे बेहतरीन मनोरंजन में से एक है। पिछले साल आम चुनाव के लिए वोटिंग करने वालों की तुलना में आईपीएल को देखने वाली की संख्या ज्यादा थी। इससे पता चलता है कि आईपीएल के लिए लोगों में कितना क्रेज है। प्रायोजकों के लिए क्रिकेट एक लीडर है और यही रास्ता दिखाने वाला है। 
    आईपीएल की खासियत यह है कि यहां दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी आते हैं और खेलते हैं और हर कोई उस प्रवाह को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह एक कदम-दर-चरण प्रक्रिया होगी। हम कल सामान्यीकरण की उम्मीद नहीं कर सकते। हमें खिलाड़ियों के भाग लेने या न लेने के फैसले का भी सम्मान करना पड़ेगा।
    जौहरी ने यह भी माना की अक्टूबर नवंबर में भी टूर्नामेंट को कराना आसान नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि जब असली जंग दोबारा शुरू होगी तो सभी को खेलने से पहले खुद को क्वारंटाइन करना होगा। हमें यह देखना होगा कि इससे कार्यक्रम पर कैसा प्रभाव पड़ेगा। जो पहले ही काफी ज्यादा कम वक्त वाला होने वाला है, उसमें आप सोचिए प्रैक्टिस से पहले 14 दिन की अवधि भी जोड़नी होगी तो स्थिति कैसी होगी।