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  • 12th के बाद किस कोर्स में एड्मिशन लें ?


    12th  के बाद किस कोर्स में एड्मिशन लें ?

    यदि अपनी 12 th  पास कर लिया है तो आप बहुत सरे कोर्स कर सकते हैं 
    जैसे 

     डिप्लोमा कोर्स 

    विदेशी भाषा में डिप्लोमा
    बहुत से ऐसे इंस्ट्यीट्यूट और विवि हैं जहां विदेशी भाषा में डिप्लोमा कराया जाता है। ये ज्यादा लंबी अवधि तक नहीं चलते लिहाज़ा आप कम समय और कम खर्च में ये कोर्स कर अच्छी नौकरी हासिल कर सकते हैं। विदेशी भाषा के टीचर की स्कूलों और प्राइवेट कंपनियों में बेहद डिमांड है। लिहाज़ा इस डिप्लोमा कोर्स को करने के बाद टीचर तो वही एंबेसी में नौकरी मिल सकती है। इस फील्ड में बेहद स्कोप है। ज्यादातर फ्रेंच, जर्मन, जैपनीज़, स्पेनिश और चाइनीज भाषाएं प्रचलन मे हैं जिनमें डिप्लोमा किया जा सकता है। इसमें अच्छा सैलरी पैकेज भी मिलता है।
    टीचिंग डिप्लोमा
    भारत में टीचिंग के क्षेत्र को सबसे बढ़िया माना जाता है। खासतौर से लड़कियों के लिए। इसलिए ज्यादातर छात्राएं 12वीं के बाद इसी कोर्स को चुनतीं है। बाहरवीं के बाद टीचिंग में कई डिप्लोमा होते हैं जैसे, ई.टी.ई यानि एलीमेंट्री टीचर इन एजुकेशन , डी. ई. डी यानि डिप्लोमा इन एजुकेशन, एन.टी.टी यानि नर्सरी टीचर ट्रेनिंग। इन कोर्स को करने के बाद स्कूल में टीचर की नौकरी मिल सकती है जहां आप अच्छी इनकम पा सकते हैं।
    डिप्लोमा इन डिज़ाइनिंग
    अगर आप क्रिएटिव हैं और कुछ अलग कर सकते हैं तो ये कोर्स आपके लिए ही है। जी हां…डिज़ाइनिंग के क्षेत्र में आप अपनी किस्मत आज़मा सकते हैं। इस लाइन में ढेरों विकल्प मौजूद हैं जैसे
    फैशन डिज़ाइनिंग
    ज्वैलरी डिज़ाइनिंग
    इंटीरियर डिज़ाइनिंग
    वेब डिज़ाइनिंग
    ग्राफिक्स डिज़ाइनिंग
    ये कोर्स करने के बाद आप किसी संस्थान में नौकरी के साथ साथ अपना खुद का बिज़नेस भी शुरु कर सकते हैं।
    जर्नलिज्म में डिप्लोमा
    पत्रकारिता के क्षेत्र में भी डिप्लोमा किया जा सकता है। जिसके बाद न्यूज़पेपर, टीवी, इंटरनेट, या फिर मैगज़ीन में नौकरी की जा सकती है। जर्नलिज्म में धीरे धीरे स्कोप काफी बढ़ा है। डिग्री के साथ साथ डिप्लोमा कोर्स भी इस फील्ड में मौजूद है। डिप्लोमा करने की अवधि एक साल की होती है। कई सरकारी और निजी संस्थान इस फील्ड में डिप्लोमा कोर्स करवाते हैं।
    नर्सिंग में डिप्लोमा
    बारहवीं करने के बाद अगर आप मेडिकल लाइन में जाना चाहते हैं लेकिन डिग्री कोर्स की इच्छा नहीं है तो आप नर्सिंग का डिप्लोमा भी कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए इंट्रेंस टेस्ट भी देना पड़ सकता है। क्योकि कई जगहों पर प्रवेश परीक्षा के आधार पर तो कहीं मेरिट के आधार पर ही एडमिशन दिया जाता है। हर कॉलेज में एडमिशन के आधार अलग होते हैं. ये कोर्स करके आप दस से चालीस हज़ार हर महीने कमा सकते हैं।

    डिग्री कोर्स 

    इंजिनियरिंग कोर्सेज: 12वीं के बाद साइंस बैकग्राउंड वाले ज्यादातर छात्र बीई करते हैं। बीई का पूरा नाम बैचलर ऑफ इंजिनियरिंग है। इंजिनियरिंग में कई डिसिप्लिन हैं जिसे स्टूडेंट चुन सकते हैं। आमतौर पर बीई कोर्सेज 4 सालों का होता है लेकिन बीसीए, बीएससी आदि तीन सालों का होता है। इसके अलावा भी छात्रों के पास टेक्निकल कोर्सों के कई विकल्प होते हैं। 12वीं के बाद जेईई मेंस और अडवांस देकर देश के अग्रणी आईआईटीज में दाखिला मिल जाता है और वहां से इंजिनियरिंग का कोर्स कर सकते हैं। 

    मेडिकल कोर्सेज: आमतौर पर मेडिकल में एमबीबीएस का कोर्स लोकप्रिय है लेकिन एमबीबीएस में दाखिला बहुत मुश्किल होता है। इसके लिए नीट (National Eligibility cum Entrance Test-NEET) क्लियर करना होता है। बहुत ही कम छात्रों को सीट मिल पाती है। बाकी छात्र डेंटल कोर्स करते हैं या फिर बी.फार्मा, बीयूएमएस आदि करते हैं। 

    कॉमर्स कोर्स: कॉमर्स बैकग्राउंड होने पर आप बी.कॉम, एम.कॉम और कंपनी सेक्रटरी का कोर्स कर सकते हैं। इसके अलावा चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के लिए परीक्षा दे सकते हैं। 

    आर्ट्स कोर्सेज: मेडिकल, इंजिनियरिंग और कॉमर्स के अलावा छात्रों को आर्ट्स कोर्सेज में करियर बनाने का मौका होता है। आर्ट्स कोर्सेज कई तरह के होते हैं जैसे किसी खास विषय में ग्रैजुएशन या फिर मास कम्यूनिकेशन जैसा कोर्स करना। 

    बिजनस मैनेजमेंट कोर्सेज: किसी भी बैकग्राउंड वाले छात्र बिजनस मैनेजमेंट कोर्स कर सकते हैं। बीबीए और बीबीएम बिजनस मैनेजमेंट के कोर्स हैं। 

    लॉ कोर्सेज: 12वीं के बाद एलएलबी भी अच्छा विकल्प है। 3 सालों का कोर्स पूरा करने के बाद लॉ में बैचलर की डिग्री मिल जाती है। 

    होटल मैनेजमेंट: 12वीं के बाद होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी कर सकते हैं। देश के कुछ अग्रणी होटल मैनेजमेंट संस्थानों के अलावा कुछ फाइव स्टार होटल भी होटल मैनेजमेंट में कोर्स मुहैया कराते हैं। 

    फैशन इंडस्ट्रीज: अगर फैशन के शौकीन हैं तो 12वीं के बाद फैशन की फील्ड में करियर का अच्छा विकल्पा है। इसमें आप बैचलर ऑफ फैशन टेक्नॉलजी कर सकते हैं। 
  • राहुल गाँधी की नागरिकता पर सवाल क्यों ?

    राहुल गाँधी की नागरिकता पर सवाल क्यों ?

    लोकसभा चुनाव 2019 की सरगर्मी के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेशी नागरिकता की शिकायत को लेकर नोटिस जारी किया है. मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस में राहुल गांधी को कहा गया है कि वह नागरिकता को लेकर शिकायत पर अपनी वास्तविक स्थिति एक पखवाड़े के भीतर बताएं. यह शिकायत BJP सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने की है, जो कई सालों से आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष के पास ब्रिटेन की नागरिकता है.

    4 साल पहले यानी 2015 में सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख सबसे पहले इस सवाल को खड़ा किया था. नवंबर 2015 में लिखी गई इस चिट्ठी में स्वामी ने दावा किया था कि राहुल ब्रिटिश नागरिक हैं, ऐसे में उनकी भारतीय नागरिकता और संसद की सदस्यता रद्द कर दी जाए.

    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता क्या है? भारतीय या ब्रिटिश? ये सवाल एक बार फिर भारतीय राजनीति में चर्चा में आ गया है. भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी लंबे समय से राहुल की नागरिकता पर सवाल उठाते रहे हैं और अब गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी को इस पर जवाब देने को कहा है. स्वामी का आरोप है कि राहुल गांधी ब्रिटिश हैं, तो वहीं कांग्रेस का कहना है कि वह जन्मजात भारतीय हैं.
    ऐसे में समझिए कि ये विवाद कब से चल रहा है और क्या है.

    >  दरअसल, 4 साल पहले यानी 2015 में सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख सबसे पहले इस सवाल को खड़ा किया था. नवंबर 2015 में लिखी गई इस चिट्ठी में स्वामी ने दावा किया था कि राहुल ब्रिटिश नागरिक हैं, ऐसे में उनकी भारतीय नागरिकता और संसद की सदस्यता रद्द कर दी जाए.
    इस मसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी, लेकिन अदालत ने इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग वाली अर्जी को खारिज कर दिया था.
    > जनवरी, 2016 में ये मामला एक बार फिर चर्चा में आया था. तब बीजेपी सांसद महेश गिरी ने लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिख राहुल गांधी की नागरिकता पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी. जिसके बाद ये मसला एक समिति के सामने चला गया था, जहां पूरी जांच हुई और राहुल गांधी को जवाब देना पड़ा.
    समिति को दिए गए अपने जवाब में राहुल गांधी ने कहा था कि ये सिर्फ मेरी छवि खराब करने की एक कोशिश है. उन्होंने कहा था कि मैंने ना कभी ब्रिटिश नागरिकता मांगी और ना ही रखी है. हैरत की बात है कि समिति ने इस तरह की याचिका को स्वीकार भी किया.
    सितंबर, 2017 में ये मसला एक बार फिर चर्चा में आ गया था उस दौरान स्वामी ने ट्वीट कर इसका जिक्र किया था. साथ ही उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी मसले पर चिट्ठी लिख दी थी और अब जब चुनाव चरम पर है तो गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी से जवाब तलब कर लिया है.
    क्या हैं सुब्रमण्यम स्वामी का तर्क?
    दरअसल, स्वामी ने गृह मंत्रालय को बताया है कि 2003 से यूनाइटेड किंगडम में रजिस्टर्ड Backops Limited नाम की कंपनी में राहुल गांधी निदेशक हैं. साथ ही इस कंपनी में सचिव भी हैं. शिकायत में यह भी कहा गया है कि 2005 व 2006 में कंपनी द्वारा फाइल किए गए वार्षिक रिटर्न में आपकी (राहुल गांधी) जन्मतिथि 19/06/1970 बताई गई है और अपनी नागरिकता ब्रिटिश घोषित की है.
    क्या कहता है कानून?
    भारतीय कानून के अनुसार, कोई भी नागरिक सिर्फ एक ही नागरिकता रख सकता है. यानी अगर वह भारत का नागरिक है, तो वह किसी अन्य देश की नागरिकता नहीं रख सकता है. भारत में दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं है. इसका मतलब कोई विदेशी नागरिक सांसद भी नहीं रह सकता है.
    राहुल गांधी की नागरिकता पर ना सिर्फ स्वामी ने सवाल खड़े किए हैं, बल्कि हाल ही में जब राहुल ने वायनाड और अमेठी से अपना नामांकन किया तो भी वहां विपक्षी उम्मीदवारों ने राहुल की नागरिकता पर सवाल किया था. हालांकि, तब दस्तावेज सही पाए गए थे और राहुल का नामांकन स्वीकार कर लिया गया था.
    राहुल गांधी की नागरिकता पर फिर हुआ विवाद