गोल्डन बाबा के रिश्तेदार कोरोना के कारण नहीं पहुंचे अंत्येष्टि में, वीडियो कॉल से किए अंतिम दर्शन

0

रिपोर्ट -भूपेंद्र शर्मा
अमर उजाला — गाजियाबाद के इंदिरापुरम की जीसी ग्रैंड सोसायटी में रहने वाले गोल्डन बाबा उर्फ सुधीर कुमार मक्कड़ का मंगलवार रात दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वह कैंसर से पीड़ित थे। वर्तमान में उनका इलाज एम्स में चल रहा था। बाबा के निधन के बाद कोविड-19 के कारण परिवार और रिश्तेदार सोसायटी में नहीं पहुंच सके। रिश्तेदार पुनीत ने बताया कि रिश्तेदारों व परिचितों को वीडियो कॉल से अंतिम दर्शन कराए गए। बाबा के निधन की खबर से सोसायटी में सन्नाटा पसरा है। रात में ही बाबा के पार्थिव शरीर को सोसायटी लाया गया था। सुबह करीब छह बजे पत्नी वीना मक्कड़ और परिजनों के अलावा उनके तमाम अनुयायी अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली रवाना हो गए।

हरिद्वार व दिल्ली के आश्रम में गुजारते थे ज्यादा वक्त
सोसायटी के पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विनोद पांडेय का कहना है कि गोल्डन बाबा अपनी पत्नी वीना मक्कड़ और सुरक्षा गार्डों के साथ सोसायटी में करीब सात साल से रह रहे थे। वह महीने में ज्यादातर समय हरिद्वार और फिर दिल्ली स्थित आश्रम में गुजारते थे। सोसायटी में सिर्फ एक हफ्ते या उससे कम ही दिन के लिए आते थे। बताया गया कि सोसायटी में आने के बाद वह किसी ने ज्यादा नहीं मिलते थे। उन्हें लोगों ने कभी पार्क या लॉन में घूमते हुए भी नहीं देखा था।

ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई थी तबीयत खराब
एक रिश्तेदार ने बताया कि मई से ही गोल्डन बाबा के शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगी थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। हालांकि कैंसर का इलाज पिछले एक साल से विभिन्न अस्पतालों में चल रहा था, जिसमें फोर्टिस और मेदांता भी शामिल हैं। तबीयत खराब होने की जानकारी परिवार और रिश्तेदारों को हुई तो सभी पत्नी वीना मक्कड़ को कई बार फोन कर गोल्डन बाबा के बारे में पूछते थे। कुछ दिनों तक बाबा की तबीयत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा था। मंगलवार रात अचानक तबीयत ज्यादा खराब हो गई। बताया गया कि ऑक्सीजन की कमी से उनका निधन हो गया।

कांवड़ यात्रा में आकर्षण का केंद्र रहते थे 21 किलो सोना पहनने वाले गोल्डन बाबा, झलक पाने को लगता था लोगों का हुजूम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *