5G से क्या हमारे जीवन को खतरा हो सकता है ?
5G से क्या हमारे जीवन को खतरा हो सकता है ?
नीदरलैंड में 5G से गई सैकड़ों पक्षियों की जान, अक्षय कुमार की 2.0 का खतरा हुआ सच साबित| भारत में 2019 की पहली तिमाही में नई दिल्ली में 5G सेवा का ट्रायल किया जाएगा. लेकिन नीदरलैंड में 5जी सर्विस की टेस्टिंग से जुड़ी एक खबर ने सबको चौंका दिया है. पक्षियों के लिए इसकी टेस्टिंग काल बनकर आई और करीब 300 बेजुबानों की जान चली गई. ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं क्या भारत भी इस रिपोर्ट से कोई सबक लेगा
रेडियो, सेल टॉवर्स और सैटेलाइट रेडियो फ्रीक्वेंसी कम्यूनिकेट करने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करते हैं। फ्रीक्वेंसी को Hz से मापा जाता है और रेडियो फ्रीक्वेंसी को GHz रेंज से मापा जाता है। कुछ समय पहले आई रिपोर्ट्स में बताया गया था कि 5जी नेटवर्क पर डाटा 6 GHz से ट्रांसमिट किया जाएगा। आपको बता दें कि यह रेडियो फ्रीक्वेंसी रेंज सैटेलाइट लिंक जैसे अन्य सिग्नल से पहले ही भरा हुआ है ऐसे में इसके पास दूसरे सिग्नल्स के लिए जगह नहीं है। आसान भाषा में समझा जाए तो रेडियो फ्रीक्वेंसी भी 5जी के लिए एक बड़ी मुसीबत बन सकती है। क्योंकि 5जी को सैटेलाइट सिग्नल मिलने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, अभी 5जी तकनीक के रोलआउट होने में काफी समय है। ऐसे में अभी इसके बारे में काफी जानकारी सामने आ सकती हैं। नए जनरेशन के इस नेटवर्क में कुछ न कुछ खूबियां और खामियां हैं। लेकिन जब तक यह तकनीक लॉन्च नहीं हो जाती है। तब तक इसके बारे में स्पष्ट रूप से कहना ठीक नहीं होगा।

