अब IPL होगा 25 सितंबर से 1 नबम्बर के बीच

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एजेंसी,नई दिल्ली



केंद्रीय खेल मंत्री किरन रिजिजू ने साफ कहा है की  मौजूदा हालातों में आईपीएल का आयोजन संभव नहीं है देश को खाली स्टेडियमों में बिना दर्शकों के साथ खेल गतिविधियों के लिए तैयार रहना चाहिए। इस ख़बर को सुनकर सबसे पहले बात आईपीएल की आती है क्या आईपीएल का आयोजन होगा । बीसीसीआई 25 सितंबर से एक नवंबर के बीच आईपीएल के 13वें सीजन को आयोजित करने को लेकर विचार कर रही है। बोर्ड ने कहा है कि जैसा खेल मंत्री ने कहा है कि प्रशंसकों की सुरक्षा सबसे पहले है वही बात बोर्ड मानता है। 



‘सरकार के फैसले के बाद ही हम इस पर कोई निर्णय लेंगे’
किरन रिजिजू ने साफ कर दिया था कि खेल गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू होंगी अभी सिर्फ खिलाड़ियों को ट्रेनिंग करने की इजाजत दी गई है। उन्होंने कहा था कि आईपीएल पर फैसला सरकार द्वारा कोरोना वायरस की स्थिति को परखने के बाद लिया जाएगा। उन्होंने साफ कर दिया था कि खिलाड़ियों को दर्शकों के बिना खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। रिजिजू ने इडिया टुडे से कहा था कि भारत में सरकार को फैसला लेना होता है और सरकार स्थिति को देखकर फैसला लेगी। हम स्वास्थ्य को सिर्फ इसलिए जोखिम में नहीं डाल सकते कि हमें टूर्नामेंट कराने हैं। हमारा ध्यान इस समय कोविड-19 से लड़ने पर है और साथ ही हमें सामान्य स्थिति में पहुंचना है। तारीख की पुष्टि करना अभी मुमकिन नहीं है लेकिन मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि हम इस साल टूर्नामेंट करा पाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें सलाह दी गई है कि स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारी प्राथमिकताएं हैं और इसके अलावा हमें गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस और स्थानीय अधिकारियों की भी गाइडलाइंस को मानना है। हम टूर्नामेंट शुरू करना चाहते हैं लेकिन इससे पहले हमें खिलाड़ियों की ट्रेनिंग शुरू करनी होगी। हम तुरंत टूर्नामेंट शुरू नहीं कर सकते। 



बीसीसीआई के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि जब लाइव स्पोर्ट्स वापस लौटेगा तो जाहिर सी बात है कि प्रशंसकों की सुरक्षा प्राथमिकता होगी और क्रिकेट इससे अलग नहीं है। उन्होंने कहा कि गेट मनी प्राथमिकता नहीं होगी और ब्रॉडकास्टिंग से आने वाला रेवेन्यू काफी होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मुश्किल समय में गेट मनी (प्रवेश शुल्क) को लेकर कोई भी चिंतित नहीं है। प्रशंसकों की सुरक्षा निश्चित तौर पर प्राथमिकता है। जब क्रिकेट होगा, ब्रॉडकास्ट रेवेन्यू बीसीसीआई के लिए पहला रेवेन्यू होगा और फिर राज्य सरकार का पैसा। आईपीएल में भी यही है। उन्होंने कहा कि कोई भी गेट मनी को हां नहीं कहेगा। कोई भी प्रशंसकों की सुरक्षा को ताक पर रखकर गेट मनी को प्राथमकिता देने की वकालत नहीं करेगा। जो लोग मैचों का आयोजन करते हैं वह बुनियादी सिद्धांत को समझते हैं। वहीं खेल मंत्री ने बयान दिया है और वह सरकार की नुमाइंदगी करते हैं इसलिए सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए और स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए।

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